RBI MPC Meeting 2025: Repo Rate 5.5% पर बरकरार, GDP Growth Outlook हुआ 6.8%

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 1 अक्टूबर 2025 को अपनी RBI MPC Meeting 2025 की बैठक के नतीजे जारी किए। इस बार भी Repo Rate 5.5% पर स्थिर रखा गया है। हालाँकि, अच्छी बात यह है कि GDP Growth का अनुमान 6.5% बढ़ाकर 6.8% कर दिया गया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि हाल ही में GST rationalisation, महंगाई में गिरावट और घरेलू डिमांड में मजबूती भारत की अर्थव्यवस्था को बेहतर स्थिति में ला रही हैं।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि RBI का यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है, इसका रियल एस्टेट, एक्सपोर्ट सेक्टर और आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

तारीख़Repo Rate (%)
22-Apr4.0
22-Aug6.4
23-Feb6.4
23-Aug6.4
08-Feb6.4
08-Aug6.4
09-Apr6.0
01-Oct5.5

रेपो रेट RBI ने क्यों नहीं बदला?

RBI गवर्नर ने बताया है कि हाल के महीनों में महँगाई (Inflation) में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। CPI Inflation अब 2.6% तक आने का अनुमान है, जो RBI के 4% के लक्ष्य से भी कम है। हलाकी, अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ्स,, वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितताएँ और भू-राजनीतिक तनाव कुछ आने वाले समय में भारत की Growth पर भी दबाव डाल सकते हैं। इसी कारण एकता से MPC ने Status Quo बढ़ाये रखने का निर्णय लिया। दो सदस्यों ने यह सुझाव दिया था कि मौद्रिक नीति का रुख (Stance) Neutral से Accommodative कर दिया जाए, लेकिन अधिकांश ने Neutral बनाए रखने पर सहमति जताई।

GDP Growth Outlook Improved

RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 की GDP Growth का अनुमान बढ़ाकर 6.8% कर दिया है। पहले यह 6.5% था।

  • Q2 में अनुमान 7%
  • Q3 में 6.4%
  • Q4 में 6.2% रखा गया है।

इसके बड़े कारण हैं:

  • Services Sector की मजबूत Performance
  • Housing Demand में तेजी
  • Capacity Utilization में सुधार
  • GST दरों में कटौती से खपत (Consumption) में बढ़ोतरी

Real Estate Sector को राहत

  • त्योहार की सीज़न में घर खरीदने का ट्रेंड हमेशा बढ़ता है। Repo Rate स्थिर रहने से EMI में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे Home Buyers को Stability मिलेगी।
  • डेवलपर्स का कहना है कि आने वाले महीनों में अगर Rate Cut होता है, तो Housing Demand और तेज़ी से बढ़ेगा।

Exporters और Foreign Trade के लिए कदम

RBI ने Export Sector के लिए कुछ राहत की घोषणाएँ भी कीं:

  • Repatriation Time में 1 महीने से 3 महीने की लंबाई दी गई है।
  • Merchanting Trade Transactions के समयसीमा 4 महीने को 6 महीने की दी गई है।
  • Export-Import Reconciliation Process सुलभ बनाया जाएगा।

ये वृद्धिप्राप्तियाँ Exporters की Liquidity और Ease of Doing Business को मजबूत करेंगे।

महँगाई (Inflation) का नया अनुमान

अवधि (Period)CPI Inflation अनुमान
FY26 (पूरा वर्ष)2.6%
Q2 FY26 (जुलाई–सितम्बर 2025)1.8%
Q3 FY26 (अक्टूबर–दिसम्बर 2025)1.8%
Q4 FY26 (जनवरी–मार्च 2026)4%
Q1 FY27 (अप्रैल–जून 2026)4.5%

इसमें GST Cut और Food Prices में गिरावट अधिकाशा भूमिका निभा रहे हैं।

निष्कर्ष

RBI MPC Meeting 2025 का प्रमुख बॉडी मैसेज है – Stability के साथ Growth को सपोर्ट करना। Repo Rate को स्थिर रखने से बाजार और उपभोक्ताओं दोनों को भरोसा मिलेगा, वहीं GDP Growth Outlook बढ़ाकर 6.8% करना भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को प्रतिबिंबित करता है। त्योहारी सीजन, GST कटौती और मजबूत घरेलू मांग के मद्देनजर Real Estate और Consumption Sectors में संतुलित प्रदर्शन देखने को मिलेगा। US Tariffs और Global Uncertainty दोनों ही चुनौतियाँ बनी रहेंगी। हलाकी Overall, यह संतुलित निर्णय RBI MPC Meeting 2025 भारत को Viksit Bharat की दिशा में आगे बढ़ाने का कदम है।

Related Blog– e-Aadhaar App: अब Aadhaar Card Update होगा आपके मोबाइल से – लाइन, झंझट और टेंशन सब खत्म!

About Suman

Hi I’m Suman from West Bengal. Driven by my passion for AI and new technologies, I started this blog. Here, you’ll find practical tips to earn money from home, honest tool reviews, and easy-to-follow tutorials.

Leave a Comment

keya public wifi safe hai
←--- Previous Post

Public Wi-Fi ka Risk — क्या जानना ज़रूरी है और कैसे सुरक्षित रहें

Next Post ---->

Windows 11 में PC Speed कैसे बढ़ाएँ?

Slow windows ?